Monday, September 13, 2010

संगणक के दोहे

C++, java दोऊ खड़े, काके लागूं पाँय
बलिहारी C++ की, सेकण्ड ईयर दियो पहुंचाए

डिजाइन ऐसी दीजिये, कछु समझ न आये
डेवलपर कन्फ्यूज हो के गिरे, आप मंद मंद मुस्काये


रात गंवाई चैट पे , दिवस गंवाया सोय
अंत समय दस लाख का वेतन कहाँ से होय

रहिमन कोड जो चल गया, मत छेड़ो अधिकाय
छेड़े से फिर न चले, चले पैच लग जाए


इरर मरी न बग मरा, मर-मर गए शरीर
बिन गूगल कोडिंग कब हुई , कह गए दास कबीर


कोडिंग बस इतना कीजिये, टेस्ट पास हो जाये
जॉब तुम्हारी चला करे, टेस्टर भी बच जाए


प्रोग्राम चला चिंता मिटी मनुआ बेपरवाह
कोड में जिनके बग नहीं, वे शाहन के शाह

गूगल याहू सर्च कर, सबमिट कर प्रोग्राम
पड़ी रहन दो गुठलिया, सीधा खाओ आम


नींद गयी, आनंद गया और गया आराम
जब जब मैनेजर ने कहा, कल से है कुछ काम

गूगल याहू छान के, कोड लियो टपाए
ई कोड मा इतनी दम कहाँ, टेस्ट पास कर जाए

4 comments:

  1. रहिमन कोड जो चल गया, मत छेड़ो अधिकाय
    छेड़े से फिर न चले, चले पैच लग जाए

    loved this one..

    Tera fan banta jaa raha hoon dost..

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