Wednesday, September 8, 2010

दफ्तर

आई टी के बड़े दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

अटपटी-उलझी लाइने,
खोपड़ी को खींच खाऐं,
इरर इनमे आये अचानक,
प्राण को कस लें कपाऐं।
सांप सी काली लाइने
बला की पाली लाइने
लाइनों के बने दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

रिक्वायरमेंट के जाल सर पर,
डेड लाइन के बवाल सर पर
रात भर कोड करके
लगा झंडू बाम सर पर,
इरर सारीवहन करते,
चलो इतना सहन करते,
कष्ट से ये सने दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

मैनेजरों से भरे दफ्तर
मानव पहुँच से परे दफ्तर
सात-सात स्टेज वाले,
बड़ी छोटी मेज वाले,
क्यूब वाले चेयर वाले,
स्टॉक और शेयर वाले,
कम्प से कनकने दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

कोड टेढ़े और मेढ़े
कन्फ्यूज करके ही ये छोड़े
सड़ी लाइने , गली लाइने,
ऐसी लाइने , वैसी लाइने,
कोड को ढँक रहे-सी
बेवकूफ की लिखी लाइने।
पढो इनको पढ़ सको तो,
बदलो इनको बदल सको तो,
ये घिनोने, घने दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

क्यूब तक ही फैला हुआ सा,
मृत्यु तक मैला हुआ सा,
क्षुब्ध, काली लहर वाला
मथित, उत्थित जहर वाला,
कैद खाना जानते हो,
उसे कैसा मानते हो?
ठीक वैसे बुरे दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

आओ इनमें डर नहीं है,
मौत का यह घर नहीं है,
बी टेक कर चलते अनेकों,
एमसीऐ कर बहकते अनेकों,
फ्रेशर गोरे और काले,
इन दफ्तरों ने गोद पाले।
ज्वाइन करे अज्ञात कलियाँ,
हमें मिले न एक फ़लियाँ,
फ्रसट्रेशन से भरे दफ्तर
काम से ऊबे हुए से
ऊँघते अनमने दफ्तर।

2 comments:

  1. Satpuda Ke Ghane Jungle ka sidha, satik aur sam-samyik roopantaran karke aapne lekhani ke kosh ki mahaantam vriddhi ki hai..
    Chalte rho

    ReplyDelete